राजनगर?  बिहार के मिथिला क्षेत्र में मधुबनी जिला मुख्यालय से पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है एक पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहर राजनगर पैलेस

ये राजमहल अद्वितीय भारत या फिर यूं कहें कि इनक्रेडिबल इंडिया का जीता जागता स्वरूप तो आइये मैं बिहार हूँ के आईने के माध्यम से जानिये बिहार की समृद्ध विरासत की गाथा

राजनगर पैलेस पंद्रह सौ एकड़ में फैले मधुबनी के राजनगर पैलेस का निर्माण दरभंगा रियासत के महाराज रामेश्वर सिंह  ने करवाया था.

इस महल के निर्माण के लिए ब्रिटिश स्थापत्य कला कार एम टी कोरनी की सेवा ली गई और देश में ये राजमहल अपने तरह का पहला जी हाँ आपने सही सुना

अपने तरह का पहला महल था जिसे बनाने में सीमेंट का प्रयोग किया गया महाराज रामेश्वर सिंह ने इसे अपने सपनों के महल की तरह बनवाया था

यह महल और इस राजमहल के कैंपस में स्थित एक ग्यारह विभिन्न मंदिर भारतीय और यूरोपीय स्थापत्य कला के संगम के बेहतरीन परिचायक है.

दीवारों पर की गई कलाकारी और कलाकृति को देखकर आप दंग रह जाएंगे राज़ कैंपस में बने सभी महल और मंदिर अपनी भव्यता और खूबसूरती की दृष्टि  से बेजोड़ है

ये लोगों को अपनी ओर अनायास ही आकर्षित कर लेते हैं यहाँ के भव्य मंदिर और महल पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेते हैं 

यहाँ के शिल्प और कलाकृति में आपको हर तरफ मिथिला पेंटिंग के साथ साथ देसी विदेशी दोनों शैली का अनुपम समागम देखने को मिलेगा