माँ मुंडेश्वरी मंदिर का इतिहास जाने मंदिर की खास बाते ये मंदिर बिहार के कैमूर जिले में इस्थित  है यहाँ हर भक्तो की मनोकामना पूरी होती है

तकरीबन सातवीं शताब्दी में बना था यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीनतम मंदिरों में से  एक जाना जाता है मंदिर की खोज यहाँ के मूल निवासियों ने किया था

इस मंदिर के बारे में तकरीबन 25-30 साल पहले लोगों को पता चला और आज की इस्थित में यह मंदिर बिहार सरकार के आधीन आता है 

पूर्णिमा तक यहां पर एक मेला भी लगता है जिसमें देश के कोने-कोने से लोग यहां पर पूजा अर्चना के लिए आते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करते हैं यहाँ दूर दूर से लोग आते है

कहा जाता है की यह  मंदिर पहले काफी भव्य मंदिर होगा क्योंकि यहां के लोग बताते हैं कि किस मुगल शासक ने इस मंदिर को क्षति पहुंचाया गया था,

कुछ लोगों का मानना है कि यह मंदिर भूकंप के झटकों से ढेह गया था जिसकी वजह से इसके चारों तरफ आप देखेंगे तो भारी तादात में पूरा मलबा पड़ा हुआ है उसमे बेस्किमती मुर्तिया मिली है