चीते आ रहे हैं, ची तैयार है, चीते आ रहे हैं, हमारा शेर चीता ला रहा है, पता तो चल ही गया होगा, अरे भाई कैसे पता नहीं चलेगा? चौबीस घंटे हमारे न्यूज़ चैनलों पर जीता जीता चिरौजी हाउ यही चल रहा है

कर चीता आना खुशी की बात है हम लोगों को गर्व से फूले नहीं समाए चाहिए, लेकिन जो इसकी इन्फॉर्मेशन हमारे न्यूज़ चैनलों पर इसलिए वाकई में सिरदर्द करा दिया है.

और इसकी वजह सिर्फ न्यूज़ चैनल नहीं, सोशल मीडिया भी इफ़ेक्ट हो रहा है फेसबुक पर भी लोग उसी बात कर रहे हैं यूट्यूब पर भी उसी बात कर रहे हैं उसी खबरें दिख रही है

उसी विडीओ दिख रहे हैं हर जगह और जो हमारे ड्राइंग रूम से बैठे लिविंग रूम में बैठे नकल्स हैं, जिनके फ़ोन में सिर्फ वॉट्सऐप और टीवी पे सिर्फ न्यूस चैनल चलते हैं, 

उनको अगर इस समय यूपीएससी की परीक्षा देने को बोल दिया जाए, उसमें चीजों से संबंधित प्रश्न आ जाये ना तो टॉप कर जाएंगे हम तुमको चाहे फेल भी हो जाए लेकिन उनको उनका कोई हाथ नहीं पकड़ सकता है

टीवी पे एकदम नंगा नाच चला हुआ है एक तो वो जो रील बनाने वाले न्यूज़ एंकर्स होते है वो हाँ दो टकिया शायरी पहल के आते है और यह खबर पढ़ने लग जाते हैं 

कि नामीबिया से आठ चीतों को भारत लाया जा रहा है और एरपोर्ट को उन चीजों के स्वागत के लिए सजाया जा रहा है और एअरपोर्ट पर छिड़का जा रहा है

और फॉल्ट आगे जा रहे हैं सब कुछ इतना बढ़िया रोबोटिक अंदाज में बोलते है  की कानों से खून निकलने लगता है