Friday, December 2, 2022
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Top 8 Ancient Universities of India,भारत के 8 ऐतिसासिक विश्वविधालय

Top 8 Ancient Universities of India,भारत के 8 ऐतिसासिक विश्वविधालय

वैदिक काल से ही भारत में एजुकेशन का काफी महत्व रहा है पहले गुरुकुल आश्रम एजुकेशन का केंद्र माना जाता था, लेकिन धीरे धीरे हाइअर एजुकेशन के लिए विश्वविद्यालय यानी यूनिवर्सिटी की स्थापना की गयी भारत देश दुनिया  की सबसे पुरानी सभ्यता का धनी होने के साथ साथ प्राचीनकाल में हायर एजुकेशन का भी केंद्र रहा है

Top 8 Ancient Universities of India,भारत के 8 ऐतिसासिक विश्वविधालय

आज भी भारत की प्राचीन विश्वविद्यालय के बारे में कई किताबों में उल्लेख मिलता है इस यूनिवर्सिटी में सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के कई विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आया करते थे कहा जाता है भारत आठ वीं से बारह वीं शताब्दी के बीच विश्व में एजुकेशन का सबसे बड़ा हब रहा आज भी इस यूनिवर्सिटी के कई सबूत देखने को मिलते हैं

तो आइए जानते हैं इन प्राचीन यूनिवर्सिटीज़ के बारे में

जगदला विश्वविद्यालय

1.नालंदा यूनिवर्सिटी (Nalanda University)  बिहार के पटना शहर से अट्ठासी दशमलव पांच किलोमीटर दक्षिण पूर्व और राजगीर से ग्यारह दशमलव पांच किलोमीटर दूर स्थित नालंदा यूनिवर्सिटी प्राचीन काल में शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र था कहा जाता है यहाँ दस हज़ार छात्र पढ़ाई करते थे और करीब दो हज़ार शिक्षक हुआ  करते थे

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लाखों किताबों वाली लाइब्रेरी के साथ इस विश्वविद्यालय में तीन सौ कमरे हुआ करते थे चार सौ पचास से चार सौ सत्तर ईस्वी के बीच कुमारगुप्त प्रथम ने इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी इस विश्वविद्यालय में भारत से ही नहीं बल्कि कोरिया जापान चीन तिब्बत इंडोनेशिया और तुर्की से भी कई छात्र पढ़ाई करने के लिए आया करते थे

Top 8 Ancient Universities of India,भारत के 8 ऐतिसासिक विश्वविधालय

तक्षशिला विश्वविद्यालय

2.तक्षशिला विश्वविद्यालय सत्ताईस वां साल पहले स्थापित तक्षशिला विश्वविद्यालय में दस हज़ार पांच सौ विद्यार्थी पढ़ाई करते थे राजनीति शास्त्र विद्या के साथ साथ आयुर्वेद और विधिशास्त्र के विशेष विद्यालय भी इस विश्वविद्यालय में मौजूद थे  चाणक्य और पानी भी इस विश्वविद्यालय के विध्यर्थी  थे या छोटे छोटे गुरुकुल में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से पढ़ाया जाता था

तक्षशिला विश्वविद्यालय हाल में पाकिस्तान में स्थित है द गार्डियन न्यूज़ पेपर ने साल दो हज़ार छे में इस विश्वविद्यालय को पाकिस्तान के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन में शामिल किया था

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विक्रमशिला विश्वविद्यालय

3.विक्रमशिला विश्वविद्यालय(Vikram Shila) कॉल वंश के राजा धरमपाल द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय को नालंदा विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी माना जाता था यहाँ पर एक हज़ार छात्रों  को पढ़ाने के लिए सौ से भी ज्यादा शिक्षक हुआ करते थे

बिहार के भागलपुर से पचास किलोमीटर दूर इस विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के तुरंत बाद ही अंतरराष्ट्रीय महत्व प्राप्त कर लिया था विक्रमशिला विश्वविद्यालय के प्रख्यात विद्वानों की एक लंबी सूची है

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वल्लभभाई विश्वविद्यालय

4.वल्लभभाई विश्वविद्यालय गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित विश्वविद्यालय की प्रसिद्धि छे सौ साल तक चरम सीमा पर थी इस विश्वविद्यालय को बुद्धिस्ट की पढ़ाई का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था यहाँ पर सेक्युलर सब्जेक्ट यानी की धर्म निरपेक्ष पर भी शिक्षा दी जाती थी

यहाँ पर धर्म विज्ञान के साथ साथ पॉलिटिकल साइंस, बिज़नेस, लॉ, ऐग्रिकल्चर इकोनॉमी पर भी पढ़ाया जाता था इस वजह से दुनिया भर से कई विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए आया करते थे

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सोनपुरा विश्वविद्यालय

5.सोनपुरा विश्वविद्यालय पाल वंश के राजाओं द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय को सोमपुरा महावीर नाम से भी जाना जाता था वर्तमान में यह विश्वविद्यालय बांग्लादेश में मौजूद हैं सत्ताईस एकड़ में फैला यह विश्वविद्यालय बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सनातन धर्म की पढ़ाई का मुख्य केंद्र हुआ करता था सोमपुरा विश्वविद्यालय के महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने इसे विश्व  धरोहर घोषित किया है

 

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दुष्ट गिरी विश्वविद्यालय

6.दुष्ट गिरी विश्वविद्यालय वर्तमान भारत में उड़ीसा में स्थित पुष्पगिरी विश्वविद्यालय की स्थापना तीसरी शताब्दी में कलिंग राजाओं ने की थी ललित गिरी, रतना गिरी और उदयगिरी नाम के तीन पहाड़ों पर इस विश्वविद्यालय का परिसर फैला हुआ है आठ सौ साल तक इस विश्वविद्यालय ने काफी विकास किया हाल ही में यहाँ पर राजा अशोक के कुछ प्राचीन चित्र मिले थे इस विश्वविद्यालय की स्थापना अशोक राजा ने करवाई ऐसा होने की सम्भावना  जताई जा रही है

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उद्यान पूरी विश्वविद्यालय

7.उद्यान पूरी विश्वविद्यालय वर्तमान बिहार में स्थापित उद्यान पूरी विश्वविद्यालय की स्थापना पाल वंश के राजाओं ने की थी लगभग चार सौ सालों तक इसका विकास चरम पर था इस विश्वविद्यालय के इतिहास के बारे में काफी कम जानकारी मौजूद है तिब्बतियन और चाइनीज ट्रैवल्स के द्वारा लिखी गई किताबों के जरिए इस विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी प्राप्त हो पाई है कहा जाता है इस विश्वविद्यालय में लगभग बारह हज़ार विद्यार्थी पढ़ाई करते थे

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जगदला विश्वविद्यालय

8.जगदला विश्वविद्यालय पाल वर्ष के बाद के राजाओं द्वारा निर्मित जगदला विश्वविद्यालय को जगदला महावीर  कहा जाता है, लेकिन फिर भी इसे पाल राजाओं द्वारा बनाई गई विशाल संरचनाओं में से एक के रूप में गिना जाता है

यह विश्वविद्यालय मुख्य तौर पर एक बौद्ध मठ था जो वर्तमान में बांग्लादेश के अंतर्गत आता है इतिहासकारों के मुताबिक पाल वंश के राजा रामपाल ने लगभग पचास बहुत बिहार का निर्माण करवाया था

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Mahi is the Author & Co-Founder of the GoldenBihar.com. He has also completed his graduation in Computer Engineering from Delhi
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