Friday, December 2, 2022
HomeArtbhojpuri me aslilta kaise rukega: भोजपुरी में हो रही है अश्लीलता रुकने...

bhojpuri me aslilta kaise rukega: भोजपुरी में हो रही है अश्लीलता रुकने के लिए इस चीज़ की भारी माग जाने क्या है

Bhojpuri Me Aslilta Kaise Rukega

Bhojpuri Me Aslilta Kaise Rukega
Bhojpuri Me Aslilta Kaise Rukega

 

भारत में एक ऐसी फिल्म उद्योग इंडस्ट्री है जहां आए दिन अश्लील गाने के चलते विवाद होता रहता है जी हां मैं भोजपुरी इंडस्ट्री के बारे में बात करने जा रहा हूं दोस्त भोजपुरी इंडस्ट्री की शुरुआत फिल्म 1963  में  गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो (Ganga Maiyya Tohe Piyari Chadhaibo) से होई थी 

तब से लेकर आज तक भोजपुरी में उतार चढ़ाव होता रहा भोजपुरी ने कही सुपरहिट फिल्में दी है. तथा गाने के माध्यम से लोगों को भोजन करवाया है एक समय ऐसा था जब भोजपुरी गाने लोग बड़े सुना करते थे और कही बोल्ल्य्वोर्ड की फिल्मो में भी 

भोजपुरी गानों को कॉपी किए गए हैं. पर अब भोजपुरी फिल्म उद्योग एवं भोजपुरी दो खेमों में बैठ गई तथा जातीय मानसिकता भी पैदा हो गया जहां आए दिन अश्एलील वं जातिवाद गाने बनाए जाते हैं यहां के बड़े-बड़े सुपरस्अटार भी अश्वंलील और  जाति  गाने गा चुके हैं.

यह भी पढे-

भोजपुरी में हो रही है अश्लीलता रुकने के लिए इस चीज़ की भारी माग जाने क्या है

आजकल इन्हीं सब गानों के चलते बड़ा विवाद पैदा हो गया है लोगों के द्वारा अश्लील एवं जातिसूचक गानों को लेकर विरोध किया जा रहा है और बिहार की जनता तथा भोजपुरी के सुपरस्टार बिहार सरकार सेंसर बोर्ड की मांग कर रहे हैं. इससे

बिहार में बढ़ती अश्लील गानों पर रोक लगाया जा सके और ऐसा नहीं है कि बिहार में अश्लील गाने ही  बनाए जाते हैं भोजपुरी इंडस्ट्री बहुत सारे हिट गाने भी दिए  हैं भोजपुरी में अगर 

अश्जालील और जातीसूचक गाने बनते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब भोजपुरी गत में मिल जाएगी तो माननीय बिहार सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द बिहार में सेंसर बोर्ड को स्थापित करें.

सेंसर बोर्ड कैसे रुकेगी भोजपुरी में अश्लीलता आइए जानते हैं

फिल्म या गाना बनाने के बाद निर्माता को सेंसर सर्टिफिकेट देने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ एजुकेशन सीबीएसई के नजदीकी ऑफिस में संपर्क करना  होता है

यह भी पढे-

इस सर्टिफिकेट लेने से पहले निर्माता बताना होता है कि वह इस फिल्म या गाने को किन लोगों के लिए बना रहे हैं अभी तक सेंसर बोर्ड के 9 ऑफिस है यह

इंडिया में सेंसर बोर्ड के कितना ऑफिस है और कहा कहा है 

  1. दिल्ली
  2. मुंबई
  3. कोलकाता
  4. चेन्नई
  5. बेंगलुरु
  6. तिरुअनंतपुरम
  7. हैदराबाद
  8.  गुवाहाटी
  9. कटक

में है इसका अगला मांग बिहार में हो रहा है 

इन ऑफिस को इसी अलग-अलग जगह पर खोला गया है जहां अलग-अलग भाषाओं में फिल्में बनाई जाती है सेंसर बोर्ड में पहले जांच समिति लोग फिल्में देखती है और तय करती है कि उसे यु या  यूए सर्टिफिकेट में रखना है तथा इसी तरह गानों को भी चेक किया जाता है  समाज के लिए अच्छा हो तो 

गाने  को रिलीज करने की परमिशन निर्माता को दे दी जाती है तो सेंसर बोर्ड एकमात्र उपाय है भोजपुरी में अश्लील गानों को बंद करने का.

केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की श्रेणी प्रणाली

केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की फिल्मों के लिए 4 श्रेणियां है.

  1. अ (अनिर्बंधित) या U- इस फिल्मों को सभी आयु वर्ग के लोग देख सकते है.
  2. अ/व या U/A- इस श्रेणी की फिल्मों के कुछ दृश्यों में हिंसा, अश्लील भाषा या यौन संबंधित सामग्री हो सकती है, इस श्रेणी की फिल्में केवल 12 साल से बड़े व्यक्ति किसी अभिभावक की उपस्थिति में ही देख सकते है.
  3. व (वयस्क) या A – यह वह श्रेणी है जिसके लिए सिर्फ वयस्क यानि 18 साल या उससे अधिक उम्र वाले व्यक्ति ही पात्र है.
  4. वि (विशेष) या S- यह विशेष श्रेणी है और बिरले ही प्रदान की जाती है, यह उन फिल्मों को दी जाती है जो विशिष्ट दर्शकों जैसे कि इंजीनियर या डॉक्टर आदि के लिए बनाई जाती है.
Golden Biharhttps://goldenbihar.com
Mahi is the Author & Co-Founder of the GoldenBihar.com. He has also completed his graduation in Computer Engineering from Delhi
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments